अगर इसका जवाब हां है तो आप एक बेहद सतर्क माता-पिता हैं | मगर आपसे ज्यादा हम यह जानते हैं इस बारे में आपने कोई पड़ताल नहीं करी है और ना ही कभी इसकी जरूरत महसूस करी है और इन्हीं सब के चलते आए दिन छोटे तो छोटे बहुत बड़े स्कूलों मैं भी ऐसी घटनाएं हो जाती है जिसके बाद अभिभावक रोने-पीटने के अलावा और कुछ नहीं कर सकते| सभी अभिभावक अपने बच्चों की चिंता जरूर करते हैं मगर ऐसी चिंता किस बात की जिसमें थोड़ी सी सतर्कता शामिल ना हो|

अपराधी था कंडक्टर

अब हम आपको बता देते हैं कि ऐसा हम क्यों कह रहे हैं तो जान लीजिए कि गुरूग्राम में हुई एक मासूम की नृशंस हत्या करने वाला कंडकटर, पैरोल पर छूटा एक अपराधी था जिसको छोटे-छोटे बच्चों के सीधे संपर्क में आने दिया गया जिसकी जिम्मेदारी स्कूल की बनती ही बनती है| अगर रयान इंटरनेशनल जैसे बड़े और महंगे स्कूल में भी इतनी भयानक लापरवाहियां होती है तो छोटे स्कूलों में क्या होता होगा इस बारे में अंदाजा लगाना मुश्किल नहीं है

कानून व्यवस्था का हाल 

ऐसा इसीलिए हो पाता है क्योंकि इनके लिए अभी तक कोई सख्त कानून नहीं है बस एक कानून जो काफी पहले बना था कि स्कूल ले जाने वाले बच्चों की बसों को पीला कर दिया गया था इसके अलावा जो लिखा था वह कागजों में ही है और उन कागजों को कोई पढ़ता नहीं है| इसीलिए सीकर टाइम सभी अभिभावकों को सतर्क करता है और यह अपील करता है कि कल ही अपने स्कूल से संपर्क करें और पुष्टि करें कि क्या उन्होंने जोर ड्राइवर-कंडक्टर लगा रखे हैं व बाकी जो स्टॉफ है क्या उसका पुलिस वेरिफिकेशन हुआ है या नहीं और अगर हुआ है तो उसके कागज देखने का आपका अधिकार है|



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