1 अक्टूबर 2017 को ताजिया के दौरान सीकर टाइम्स ने सबसे बढ़ चढ़ कर ना सिर्फ ताजिए का जुलूस दिखाया बल्कि सीकर पुलिस की कार्यप्रणाली भी दिखाई जिसमें सीकर पुलिस ने चतुराई दिखाते हुए बड़े हादसे को टाल दिया था। जैसे ही सीकर टाइम्स ने इस वीडियो को यू-ट्यूब पर डाला वैसे ही वह वीडियो वायरल हो गया। देखने वालों ने पुलिस को ढेरों बधाईयां दी मगर यहां कहानी बदल गई। हुआ यह था कि कल कानपुर में भी झड़प के दौरान पुलिस ने लाठीचार्ज किया और उसके लिए उन पर कुछ सवाल भी उठे मगर देखने वालों ने सीकर के वीडियो को कानपुर का वीडियो समझकर सीकर पुलिस की जगह कानपुरी पुलिस को भर भर के बधाइयां दी।
पहली बार ऐसा हुआ है कि सीकर के ताजिए को इस लेवल की कवरेज मिली हो । यह सब हो पाया है सीकर टाइम्स के रिपोर्टर्स की कड़ी मेहनत एवं सीकर के आमजन द्वारा निकाले गए शांतिपूर्वक जुलूस के कारण। ऐसा नहीं है कि 1000000 से ज्यादा लोगों मैं सभी ने इसे कानपुर पुलिस ही माना हो मगर ऐसा जरूर है कि सीकर पुलिस इस समय अपनी कार्यशैली और चतुराई के कारण पूरे भारतवर्ष में प्रशंसा पा रही है।
ऐसा कभी कभी ही हो पाता है कि पत्रकारों को एक बेहतरीन वीडियो मिलता है जिस वीडियो में दो रंग शामिल होते हैं और कल ऐसा ही अवसर सीकर टाइम्स के पत्रकारों को मिला जहां उन्होंने अराजकतत्व की पिटाई के साथ ही साथ उसी वीडियो में शांतिपूर्वक जुलूस को भी बिना कट दिखाया।

देखे वीडियो https://youtu.be/zXngcPU_lao

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