आज दिनांक 24/11/17 को  अखिल राजस्थान सेवारत चिकित्सक संघ कोर कमेटी की जयपुर में बैठक हुई जिसमें दिनांक 12/11/17 को 33 सूत्रि मांगों को लेकर राज्य सरकार से हुए समझौते की प्राप्तियों को लेकर विस्तार से विवेचना की गई। बैठक की शुरुआत  कल निदेशालय में अतिरिक्त निदेशक(राजपत्रित) श्री गिरीश पाराशर द्वारा गर्भवती महिला चिकित्सक डॉ आशा लता के साथ किये दुर्व्यवस्था और उत्पीड़न को लेकर सेवारत चिकित्सकों में उपजे असंतोष को लेकर की गई,,जिसमें कोर कमेटी के सभी सदस्यों ने निंदा प्रस्ताव पास किया एवं इसे कार्य स्थल पर महिला उत्पीड़न की श्रेणी में माना तथा पीड़ित महिला चिकित्सक को न्याय दिलाने के लिये आगामी व्यूह रचना पर कार्य करने का प्रस्ताव पास किया ।
संघ के अध्यक्ष डॉ अजय चौधरी ने बताया कि कल सुबह 9:30 बजे चिकित्सा एवं स्वास्थ्य मंत्री को ज्ञापन दिया जायेगा एवं स्वास्थ्य मंत्री से वार्ता अगर सकारात्मक नहीं रही तो राज्य के चिकित्सक महिला उत्पीड़न और आत्मसम्मान के इस मुद्दे पर पूरे राज्य में अभियान छेड़ेगा और बेठक कर आगामी रणनीति का खुलासा करेगा !
डॉ चौधरी ने बताया की कल एक ज़िम्मेदार पद पर आसीन अधिकारी द्वारा जो आचरण एक गर्भवती महिला के साथ किया गया उस से मानवता शर्मसार हुयी है और राष्ट्रीय पटल पर राज्य का महिला मुख्यमंत्री के होते हुवे मानमर्दन हूवा  !
अब घटना को लेकर राज्य के समस्त विभागों की महिला कार्मिकों में रोष व्याप्त है।अगर स्वास्थ्य मंत्री द्वारा कल की वार्ता में गेरसंवेदनशील अधिकारी के खिलाफ कठोर कार्यवाही नहीं होती है तो संघ राज्य के समस्त महिला कार्मिको और संगठनों को लेकर पीड़ित गर्भवती महिला चिकित्सक को न्याय नहीं मिलने तक आंदोलन जारी रख जनता के बीच जाएगा !!
   अतः संघ राज्य सरकार से गुहार करता है कि महिला कार्मिक को प्रताड़ना देने वाले निरंकुश अधिकारी के खिलाफ कड़ी कारवाई की जाये ताकि पीड़ित गर्भवती महिला चिकित्सक को न्याय मिले एवं राज्य की अन्य महिला कार्मिकों को असुरक्षा की भावना ना हो एवं अपने कार्य स्थल पर भय मुक्त वातावरण सुनिश्चित हो  जिससे अपने राजकार्य का कर्तव्य निष्ठा से निर्वहन कर सके। 


             डॉ अजय चौधरी 
              प्रदेशाध्यक्ष 
 अखिल राजस्थान सेवारत चिकित्सक संघ


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