राजस्थान के कद्दावर नेता , पूर्व शिक्षामंत्री , महत्त्वाकांक्षी ,वसुंधरा राजे के ध्रुव विरोधी, सांगानेर के विधायक घनश्याम तिवाड़ी आज सीकर स्थित रामलीला मैदान में राजस्थान की राजनीति को राजनीतिक विकल्प देंगे। छः बार विधायक व दो बार मंत्री (भैरों सिंह शेखावत के कार्यकाल में ऊर्जा एवं राजे कार्यकाल में शिक्षा मंत्री) रह चुके तिवाड़ी अपनी ही पार्टी में उपेक्षा के शिकार रहें। तिवाड़ी सदैव समय-समय पर वसुंधरा राजे को घेरतेे रहें हैं। वसुंधरा राजे के पहले कार्यकाल में सरकार के शिक्षा मंत्री रहे तिवाड़ी राजे के दूसरे कार्यकाल में हाशिए पर आ गए।
तिवाड़ी राजस्थान की राजनीति में तब आए जब भाजपा का प्रादुर्भाव नहीं हुआ था। वे जनसंघी है। श्री कल्याण राजकीय महाविद्यालय ,सीकर से छात्र राजनीति प्रारंभ करने वाले घनश्याम तिवाड़ी सन् 1980 में 33 साल की उम्र में सीकर के विधायक बनें । 1984 में सीकर से पूर्व लोकसभाध्यक्ष डॉ बलराम जाखड़ के सम्मुख चुनाव लड़ चुके तिवाड़ी आपात काल में जेल भी गए ।
पण्डित दीनदयाल उपाध्याय और तिवाड़ी का सीकर से गहरा नाता रहा है। पण्डित दीनदयाल श्री कल्याण राजकीय उच्च माध्यमिक विद्यालय के मैरिटोरियल विद्यार्थी रहें तो तिवाड़ी श्री कल्याण राजकीय महाविद्यालय के छात्र नेता रहें हैं। तिवाड़ी का जन्म सीकर में शीतला चौक में हुआ। देखना यह है कि शीतला चौक से राजस्थान की राजनीति में दख़ल देने वाले तिवाड़ी आख़िर कितने सफल होते हैं ।

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