आज पूरे देश में भाजपा अनशन पर बैठी है उनका यह कहना है कि कांग्रेस अलोकतांत्रिक तरीक़ों के चलते देश के सांसद को ठप कर देश की प्रगति में बाधक बन रही है। 
सीकर में  सांसद विधायक समेत समस्त भाजपा के अधिकारी अनशन करते दिखाई दिए। 
अभी कुछ दिन पहले कांग्रेस पार्टी ने भी भाजपा की नीतियों के खिलाफ़ अनशन किया था। कांग्रेस के अनशन को  सोशल मीडिया पर ट्रोल का सामना करना पड़ा था जब उपवास से पहले कांग्रेस के वरिष्ठ नेता छोले भटूरे उड़ाते नज़र आए थे। 
कांग्रेस ने अनशन को कोरा नाटक क़रार दिया 
सीकर कांग्रेस के  IT संयोजक गोविंद पटेल ने भाजपा के अनशन को कोरा नाटक क़रार दिया है। उन्होंने कहा है भाजपा के पास अपने कोई मुद्दा नहीं है इसलिए भाजपा हमेशा कांग्रेस की देखा देखी कॉपी पेस्ट वाले कार्यक्रम करती है। 
सीकर सांसद स्वामी सुमेधानन्द ने क्या कहा
उन्होंने कहा कांग्रेस ने अपने राजनीतिक स्वार्थों के लिए आये दिन संसद के कामकाज को ठप करती रहती है जिस से देश हित मे होने वाले सभी काम बाधित होते है ना नए बिल पास हो पाते है ना कानूनों में संशोधन हो पाते है और देश को आर्थिक रूप से हानी और उठानी पड़ती है जो हम सब का ही नुकसान है । 
29 जनवरी से 6 अप्रैल तक 2 चरणों मे चले संसद के बजट सत्र में लोकसभा में मात्र 23 प्रतिशत और राज्यसभा में 28 प्रतिशत ही काम हो पाया है । 2000 के बाद ये सत्र सबसे काम वाला सत्र रहा है । संसद की एक दिन की कार्यवाही ना चलने का मतलब है 2 करोड़ रुपये का नुकसान और ये नुकसान आम भारतीय जनता का है । 
सीकर सांसद के अनुसार काँग्रेस ने दलित आंदोलन को अफवाह से भड़का कर हिंसक बना दिया और खुद भी आन्दोलन को हिंसक बनाने में आन्दोलन में शामिल हो गए । वो दलित समाज जो हमेशा से सबकुछ सहन कर के भी कभी हिंसा का रास्ता नहीं अपनाया उस समाज को इन कांग्रेसियों ने हिंसा की आग में धकेल कर बदनाम कर दिया । भाजपा ने 2015 में sc st एक्ट पर संशोधन लाकर इसे मजबूत बनाने का काम किया और 2016 को गणतंत्र दिवस के दिन इसे लागू किया । वर्तमान में भी सुप्रीम कोर्ट के बदलाव पर भाजपा ने पुनर्विचार याचिका दायर की और साफ किया कि भाजपा हमेशा दलित हितों के साथ है । 
सांसद के अनुसार  कांग्रेस हर मुद्दे पर अफवाह फैला रही है और दलित हितेषी होने का ढोंग कर रही है अगर काँग्रेस इतनी ही दलित हितेषी थी तो 1952 और 1954 में बाबा साहब को 2 बार लोकसभा चुनाव नहीं हरवाती ।
बाबा साहब को भारत रत्न नहीं देने को बनाया मुद्दा 
सीकर सांसद के अनुसार बाबा साहब को *भारत रत्न* देने की मांग नेहरू जी ने ठुकरा दी उसके बाद इंदिरा जी ने और फिर राजीव गांधी जी ने ये मांग ठुकरा दी । फिर  *1990* में *भारतीय जनता पार्टी* द्वारा समर्थित जनता मोर्चा की सरकार ने बाबा साहब को भारत रत्न से सम्मानित किया । *1989* में आडवाणी जी और अटल जी ने जब 
बाबा साहब की फ़ोटो का मुद्दा
स्वामी सुमेधानन्द के अनुसार संसद के केंद्रीय कक्ष में बाबा साहेब की फ़ोटो लगानी चाही तो काँग्रेस ने जमकर विरोध किया । आज काँग्रेस बस दलित हितेषी बनने का ढोंग कर रही है अपने राजनीतिक स्वार्थ के लिए जिस तरह से 9 अप्रैल का उपवास छोले भटूरे खा कर किया उस से इनका असली चेहरा सामने आता है 


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