सीकर टाइम्स की सफलता के पीछे कारण उन ख़बरों को उठाना है जिन्हे दबाने की कोशिश की जाती है, हर समाज की खबर को बराबर जगह नहीं मिलती और इसके चलते कई समाज की ख़बरों को जान बूझकर दबा दिया जाता है और अन्य कि छोटी और चलती फिरती खबर को भी प्रकाशित किया जाता है | ऐसी ख़बरों और वाक्यों के अनेक उदहारण सीकर टाइम्स पूरे दम ख़म से उठाता आया है जिसकी वजह से वसूली गैंग में खलबली रहती है और अब तो उनके पाँव उखड़ने लग गए हैं

सत्तर से ज्यादा नए पोर्टल खोले जा चुके हैं राजस्थान में 

सीकर टाइम्स ने एक घंटे और चालीस मिनट के वीडियो में पोर्टल बनाने की पूरी जानकारी सभी के साथ साँझा कर दी थी जिसको ग्यारह हज़ार लोगों ने देखा और डाउनलोड करके दोबारा अपलोड किया| इसकी वजह से कई सौ पोर्टल खुल गए जिनमें से सत्तर से ज्यादा हमारे कांटेक्ट में भी आ गए हैं

जाति आधार नहीं है मगर हर जाति का पत्रकार हम शामिल करेंगे 

अगर आपको ऐसा लगता है कि आपके समाज की जनसँख्या के अनुपात में पत्रकार हैं ही नहीं तो आप ठीक सोचते हैं, राज्य में पांच प्रतिशत जनसँख्या वाले पूरी पत्रकारिता पर कब्ज़ा करके बैठे हैं जिनको अन्य समाजों की समस्या का न तो पता है और न ही उनके मालिक ऐसा चाहते हैं कि कोई पता करे | अगर पत्रकारिता लोकतंत्र का चौथा स्तम्भ है तो हर समाज वर्ग धर्म की बात सामने लाने के लिए हर जगह से बराबर पत्रकार होने ही चाहिए

सीकर टाइम्स पूरे राजस्थान की पत्रकरिता की मिसाल है

रिटायर्ड प्रशासनिक ऑफिसर्स , पुलिस, सामाजिक संगठन और पत्रकारिता की गिरती हुई छवि से परेशान कई वरिष्ठ लोग सीकर टाइम्स को समर्थन और सपोर्ट दे रहे हैं जिसकी वजह से अब बड़े से बड़े मीडिया हाउस के पत्रकार भी चाटुकारिता और दबाव के आगे घुटने टेकने वाली कंडीशन से उकताने लग सीकर टाइम्स से जुड़ रहे हैं

सीरियस लोग जुड़ें 

फ़िलहाल गुर्जर,मीणा, मेघवाल, कुमावत,सैनी पत्रकार की आवश्यकता है और उनके साथ कोलैबोरेशन करने का विचार है मगर कोई सिर्फ पत्रकार बनना चाहे तो सैलरी पर भी अरेंजमेंट है | कई सामाजिक संगठन खुद ऐसे पत्रकारों का खर्चा वहन करने को तैयार हैं जो केवल सत्य लिखें और समाज की उन ख़बरों को दबने न दें जो बड़े घराने दबाना चाहते हैं

साल भर में सूरत बदलने वाली है 

एक अकेला ही चला था सीकर टाइम्स, आशीर्वाद मिलता रहा कुनबा बढ़ता रहा | जल्द ही सेमिनार में टॉप पोजीशन पर रहे बीस से ज्यादा लोगों के साथ नए पत्रकारों का सामना कराया जाएगा और ऐसी सभी स्टोरीज साझा की जायेगी जो बुरी तरह दबाई गई थी

टॉप इंस्ट्रूमेंट मिलेंगे सीखने को 

चाहे आप कॉलेज में जाकर मॉस कॉम कर लें मगर जो बात आप हमारे साथ सीख पाएंगे वो आपको सीधा राष्ट्रीय पत्रकारों के समकक्ष खड़ा कर देगी ऊपर से हर सीरियस पत्रकार को प्रोफेशनल माइक व सपोर्ट टीम भी दी जाएगी जो उसको शुरूआती मदद करेगी

पोर्टल पहले से ही बना रखा है तो बहुत बढ़िया 

हमें ऐसे ही लोग ज्यादा चाहिए जो किसी मदद के मोहताज न हों और जितनी मदद मिल जाए उसको भी काम में लेते रहे क्यूंकि सत्य का सामना करने के लिए किसी मदद की नहीं जज्बे की आवश्यकता होती है और आपने अभी तक अपना पोर्टल शुरू भी कर लिया है तो हमारे साथ मिलकर आप ज्यादा अच्छे से चमकेंगे

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