जयपुर : सभी हैरान थे कि अगर बाड़मेर हुंकार रैली में दस लाख भीड़ आ गई थी तो RLP को विधान सभा चुनाव में बाड़मेर से कैंडिडेट तक कैसे नहीं मिला ? इस हिसाब से तो उनकी बाड़मेर विधान सभा सीट पक्की ही थी मगर गप मारने से चुनाव नहीं जीते जाते | राजनीती में हर नेता यूँ तो अपना प्रभाव क्षेत्र कई गुना बढ़ा चढ़कर पेश करता है वही कभी कभी ऐसे नेता भी देखे जाते हैं जिनके दिए आंकड़े इतनी ज्यादा बढे चढ़े होते हैं कि लोग उनपर विश्वास करना ही छोड़ देते हैं

कैसे पता चलता है भीड़ कितनी है 

पुलिस और इंटेलिजेंस एजेंसियां एक आदमी के लिए 8 स्क्वायर फुट जगह घेरने के हिसाब से गणना करती हैं क्यूंकि मंच और आसपास का एरिया भी खाली रहता है उसको भी गणना में शामिल करना होता है, साथ ही आने जाने की जगह भी जोड़ी जाती है | अगर एक औसत आदमी जमीन पर बैठता है तो उसको 6 स्क्वायर फुट जगह चाहिए होती है

सभा स्थल की लम्बाई चौड़ाई कितनी थी ?

बेनीवाल ने अपनी बाड़मेर हुंकार सभा का ड्रोन से और अन्य कैमरों से सीधा प्रसारण किया था जिसमें आराम से पता चल जाता है कि मैदान का क्षेत्रफल कितना था | हमने वहां खड़े एक ट्रक को अलग किया और उसको बार बार पेस्ट करके पता लगाया कि 6 मीटर वाला यह ट्रक मंच के बीच से दायीं तरफ 10 बार खड़ा किया जा सकता है और बांयी तरफ भी 10 बार यानी टोटल 20 ट्रक पूरी चौड़ाई में खड़े किये जा सकते हैं जो मिलकर 120 मीटर होते हैं | मतलब पूरे सभा स्थल की चौड़ाई 120 मीटर ही थी , इसी तरह दूसरे एंगल से हमने एक स्कार्पियो की 4 .5 मीटर लम्बाई को बार बार पेस्ट करके जाना कि मांस से लेकर आखिरी दरी तक 10 तक स्कार्पियो खड़ी की जा सकती है मतलब लम्बाई आयी 45 मीटर 

लम्बाई चौड़ाई से क्षेत्रफल कैसे निकालें 

 रेक्टेंगल का क्षेत्रफल निकालने के लिए लम्बाई को चौड़ाई से गुना करना पड़ता है जो यहाँ पर 120 मीटर चौड़ा और 45  मीटर लम्बा है तो गुना करने पर 5400 स्क्वायर मीटर आता है, इसको स्क्वायर फुट में कन्वर्ट करने पर 58125.116 स्क्वायर फुट का क्षेत्रफल आता है जिसको आसानी के लिए 60 हज़ार स्क्वायर फुट मान लेते हैं 

60 हज़ार स्क्वैरेफूट में कितने आदमी बैठ सकते हैं अगर कहीं भी जगह न बचे तो 

हालाँकि मंच और उसके आसपास बहुत सा क्षेत्रफल खाली था और दरियाँ भी औसत 85 फ़ीसदी ही भरी दिखती हैं मगर फिर भी ऐसा मान लें कि पूरा स्थल एकदम फुल भरा हुआ था तो भी 6 स्क्वायर फुट प्रति व्यक्ति के हिसाब से 60 हज़ार स्क्वायर फुट में केवल 10 हज़ार ही लोग बैठ सकते हैं  इससे ज्यादा तो बैठ ही नहीं सकते 

10 लाख क्यों बोली जाती है भीड़ 

छोटी भीड़ को 100 गुना बढाकर बताने में ऐसा लगता है कि नेता फेमस है और इसके चलते इतनी ज्यादा बड़ी गप मारी जाती है वो भी हर सभा में | बार बार बोलने से ऐसा लगता है कि शायद सही बोल रहा हो नेता मगर ऐसा बिलकुल नहीं है 

मगर फोटो में तो ज्यादा भीड़ दिख रही है 

फोटोशॉप का कमाल है, आप भी यूट्यूब पर ऐसे वीडियो देख लें जो भीड़ को बढ़ा चढ़कर दिखा दे, तो आप भी ऐसी फर्जी  फोटो बना सकते हैं, फोटो केवल फोटोशॉप करी हुई फोटो है फिर भी अगर फोटो को सच मान लें की वहां की दरियाँ सौ फ़ीसदी भर गई थी तो भी 60 हज़ार स्क्वायर फुट में आखिर कितने आदमी बैठा लोगे ?

क्या बाकि जगह भी ऐसी ही बड़ी बड़ी गप मारी गई है 

बिलकुल, हमारे पास वीडियो है कि सीकर जिला स्टेडियम का एरिया कितना है और वहां पर कभी ऐसी ही गप मारकर कई लाख की रैली बताई गई जबकि जिला स्टेडियम की तो कुल कैपेसिटी ही 25 हज़ार है वो भी तब जब चलने फिरने की भी जगह न बचे , देखें वीडियो 


सीकर जिला स्टेडियम की कैपेसिटी जानिये जहाँ सीकर हुंकार रैली हुई थी 


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