सीकर: सीकर में दर्जन भर प्रदर्शनकारियों ने अलवर प्रकरण के दौरान हुई प्रशासनिक लापरवाही के खिलाफ मोर्चा निकाला और गेहलोत की शवयात्रा निकाली इस दौरान उन्होंने एक बार फिर मर्यादाएं लांगने की कहानी दोहरा दी

हनुमान बेनीवाल ने ज्योति मिर्धा के निम्बू निचोड़ने की बात कही थी 

सभाओं में वाहवाही लूटने के लिए अक्सर महिलाओं पर व्यंग किये जाते हैं ऐसे में मर्यादा तार तार करने में रालोपा के हनुमान बेनीवाल अपने कार्यकर्ताओं से बोले कि ज्योति मिर्धा के निम्बू निचोड़ देंगे , ऐसा कहकर बेनीवाल ने अपनी वाहवाही करवाई मगर साथ ही ये भी बतलाया कि महिलाओं के लिए उनके सम्मान में कुछ ठीक नहीं है

गहलोत को तोतला बोलने वाले अन्य लोगों से कैसा बर्ताव करते होंगे 

मुख्यमंत्री गहलोत का नाम राजस्थान के इतिहास के लिए हमेशा से जुड़ गया है क्यूंकि वो तीसरी बार मुख्यमंत्री बने हैं और एक पूरी पीढ़ी उनके द्वारा करे कार्यों से प्रभावित हुई है ऐसे में उनका राजनैतिक करियर नयी नयी घोषित हुई पार्टी के आगे बिलकुल वैसे है जैसे सूरज को दिया दिखा दिया हो | रालोपा के प्रवक्ता महिपाल महला ने अपने फेसबुक शान से पोस्ट शेयर की जिसका लिंक साथ है [https://www.facebook.com/photo.php?fbid=1317125738444551&set=a.538825179607948&type=3&permPage=1]

मीडिया की वाहवाही लूटने के लिए ऐसी टिप्पणियां की जाती हैं 

जहाँ ऐसे असामाजिक तत्वों को जो किसी की शारीरिक दशा पर टिपण्णी करें उनको मीडिया का ज्यादा बढ़ावा देना गिरते हुए स्तर को दर्शाता है और ऐसे समाज की तरफ धकेलता है जहाँ पर किसी बच्चे, बूढ़े को उसके शारीरिक स्तिथि के लिए चिड़ाये

सामराऊ घटना में क्या महिलाएं नहीं थी 

रालोपा के कार्यकर्ता हर जगह अपने नेता के विरोध प्रदर्शन वाले पोस्टर कमेंट में लिख रहे थे और उनके जवाब में कुछ अन्य भी अपना पोस्टर लेकर आ गए जहाँ पर पूछा जा रहा था कि सामराऊ में क्या महिलाएं नहीं थी ? उनके ऐसे पूछे जाने का कारण असामाजिक तत्वों द्वारा सामराऊ में महिलाओं के साथ अभद्रता और अकेली पाकर उनके घर जला दिए जाने और बचने के लिए महिलाओं का खेतों में जाने के विरोध में हनुमान बेनीवाल की चुप्पी पर सवाल थे

मीडिया में हर जगह गाली गलोच करने वाले एक ही पार्टी के समर्थक ज्यादा दीखते हैं 

पिछले कुछ समय में जातिवाद का जहर तो घोला ही गया है साथ ही मीडिया पर जमकर गाली गलोच, मारने की धमकी, फ़ोन पर धमकी, माँ बहिन की गाली के ज्यदातरः केस एक ही उम्मीदवार की तरफ से आना सबको हैरान करता है | आजतक के पत्रकार शरद शर्मा ने बेनीवाल से मोदी के बारे में पिछली टिप्पणियों के बारे में पुछा तो उस वीडियो पर समर्थकों ने जमकर गाली गलोच भर दी, उसके बाद उन्होंने गोगामेड़ी का इंटरव्यू लिया तो समर्थकों ने फिर से गाली गलोच के कमैंट्स डाल पत्रकार को डराने की कोशिश की| सीकर टाइम्स और डायलाग इंडिया के पत्रकार डॉ यशवंत को हाल ही में हनुमान  बेनीवाल के समर्थक बन कई फोन कॉल आये जिसमें  जान से मारने की धमकी, परिवार को नुकसान, तक की बात कही जिसकी पूरी कॉल रिकॉर्डिंग पुलिस को दे दी गई है और सार्वजनिक भी की जायेगी 

केवल बेनीवाल की बड़ाई करने वालों पर गाली अटैक नहीं हुआ 

सोशल मीडिया के दम पर मुख्यमंत्री बनने का दम तो बेनीवाल कई सभाओं में भरते हैं और कहते हैं कि केजरीवाल जैसे वो भी सोशल मीडिया के दम पर ही मुख्यमंत्री बनेंगे मगर ये भूल जाते हैं कि जब सोशल मीडिया केजरीवाल को सपोर्ट कर रहा था उस समय एक भी उनका समर्थक गाली धमकी से कोसों दूर था | इस समय केवल वही पत्रकार और मीडिया पोर्टल बेनीवाल के समर्थक प्रोफाइलों की गाली गलोच से बचे हुए हैं जिन्होंने डर के मारे कुछ भी नेगेटिव रिपोर्ट सामने नहीं लायी और केवल अच्छी बातें जपी हैं  

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