जयपुर : लोक सभा में मोदी फैक्टर की वजह से 1.5 लाख वोटों के पिछले रिकॉर्ड से आगे बढ़ते हुए हनुमान बेनीवाल ने 6.6 लाख वोट लिए और भाजपा की वजह से एवरेज जीत दर्ज की मगर विधान सभा उपचुनाव में अकेले ही 16 हजार से ज्यादा के मार्जिन से जीत दर्ज करने वाले बेनीवाल परिवार ने भाजपा के बड़े गठबंधन के बाद भी अत्यंत साधारण जीत दर्ज की उसको देख बेनीवाल परिवार की राजनीती का दबदबा कम होता दिख रहा है

गजेंद्र सिंह खीमसर के दबदबे वाले क्षेत्र से मिले बेनीवाल को वोट 

गठबंधन के बाद गजेंद्र सिंह खीमसर को भी पार्टी लाइन की वजह से RLP के साथ आना पड़ा और उनके बेहद ख़ास 8 पंचायतों से बेनीवाल को एकतरफा वोट मिले हैं जो निर्णायक भी माने जा सकते हैं | अतीत में हनुमान बेनीवाल ने गजेंद्र सिंह के बारे में कई ऐसे बयान दिए हैं जिसके बाद गजेंद्र सिंह बार बार अपने समाज के पास जाकर एकजुट हो बेनीवाल के खिलाफ खड़ा करने की कोशिश करते नज़र आते रहे हैं मगर गठबंधन का फैसला होने के बाद वो अपने समाज को लेकर RLP के पक्ष में खड़े नज़र आये

लोक सभा में खीमसर से मिली थी 55 हजार की लीड 

लोक सभा में भी बेनीवाल परिवार मिर्धा परिवार के आगे चुनाव लड़ रहा था और अब उपचुनाव भी बेनीवाल परिवार बनाम मिर्धा परिवार ही रहा, दोनों ही जगह भाजपा गठबंधन होने की वजह से भाजपा के परंपरागत वोटरों ने बेनीवाल परिवार को वोट दिया मगर जहाँ लोक सभा में गैर परंपरागत वोटर भी मोदी वेव में वोट दे गए वहीँ मोदी फैक्टर के बिना गठबंधन ने मिलकर बड़ी मुश्किल से अपनी सीट बचाई

केवल 4630 वोटों के मार्जिन की साधारण जीत से जनमानस सामने आया 

लोक सभा के बाद इस बात पर डिबेट थी कि वोट हनुमान बेनीवाल को मिले हैं या मोदी को जो उपचुनाव के रिजल्ट के बाद क्लियर कर गया कि वोट केवल मोदी को ही मिले थे साथ ही बेहद साधारण जीत भी ये बात बता गई कि आने वाले समय बेनीवाल परिवार के लिए मुश्किल भरा है | खीमसर में एकतरफा राज चलाने और गहलोत वसुंधरा को सीधे तौर पर चैलेंज करने वाली बातों से जनता का मन भर गया और तकरीबन आधे वोटर बेनीवाल के गढ़ कहे जाने वाले खीमसर के आज उसके खिलाफ वोट दे गए

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