वैसे तो राजस्थान से राम रहीम का सिर्फ इतना ही लेना देना है कि वह राजस्थान में पैदा हुआ है मगर फिर भी राम रहीम के ताजा प्रकरण का सीकर पर भी असर हो गया है
मामला है कि कोर्ट द्वारा सुनाई गई सजा के बाद यहां सीकर में प्रवचन कर रहे कड़वे मुनि ने अपनी बेबाक प्रतिक्रिया दी है जिसके चलते यह लगने लगा है राम रहीम के समर्थक उनके प्रवचनों के बीच किसी प्रकार की अव्यस्तता फैला सकते हैं या जैन मुनि पर आक्रमण भी कर सकते हैं
क्रांतिकारी मुनि ने यह कहा है कि इस प्रकार के बाबाओं द्वारा की गई आपराधिक घटनाएं सिर्फ शरीर का ही नहीं बल्कि लाखों इंसानों की श्रद्धा पर भी गहरा आघात देती है ।
मुनि तरुण सागर का यह बयान कोर्ट के फैसले के बाद आया है जिसमें राम रहीम को बलात्कार का दोषी करार दिया गया है यानि अब यह सच हो गया है कि बाबा के अंदर अपराधी निवास कर रहा था और उसने अपने भक्तों की आस्था के साथ ना सिर्फ खिलवाड़ किया है बल्कि उसे बहुत बुरी तरह से दूषित भी किया है
ऐसा नहीं है कि राम रहीम के भक्त सीकर में नहीं है ।देश के कई हिस्सों से आए हुए लोग सीकर में निरंतर कार्यरत हैं और उनमें कुछ लोग राम रहीम के भक्त भी हैं हालांकिे इस बात का निष्कर्ष निकाल लेना कि सभी के सभी भक्त उपद्रवी होंगे यह भी गलत है क्योंकि कोई भक्त अगर किसी बाबा के बहकावे में सीधे तौर पर नहीं आता तो वह अपना विवेक भी इस्तेमाल करता है।

DVD की दुकान चलाने वाले नरेश नरुका ने बताया कि उसके पास कई भक्त बाबा की सीडी लेने आते हैं और बाबा की आई हुई हालिया फिल्मों की काफी डिमांड है। प्रवचन वाली DVD भी मंगवाने के लिए विशेष तौर पर भक्त दुकानदारों को कहते रहते हैं। हर छोटी बड़ी कॉलोनी में काफी सीकर वासी भी राम रहीम के भक्त हैं। सीकर टाइम्स अनुरोध करता है कि अब आप लोग अपने भक्ति को दोबारा से परखिए और समझिए।

हिंदू धर्म में मुनी साधु या बाबा त्याग की मूरत हुआ करते हैं जिनका सांसारिक चीजों से कोई लगाव नहीं रहना चाहिए मगर आजकल के ढोंगी बाबा भोग-विलास में इतने मशगूल होते हैं कि उनको देखकर यह पता लगाना मुश्किल होता है कि वह बाबा हैं या कॉरपोरेट जगत की हस्ती।
पौराणिक बाबा बहुत ही सरल जीवन व्यतीत करते हैं सरल खाना खाते हैं, भड़कीले वस्त्र नहीं पहनते और भक्तों से ऊपर वाले की भक्ति करने को कहते हैं खुद की नहीं।

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