आज दिनाँक 16.03.2018 को देशभर के सेवारत चिक्तिसको ने आॅल इंडिया फेडरेषन आॅफ गर्वरमेंट डाॅक्टर्स एसोषियेषन एवं अरिस्दा के आव्हान पर अपनी मांगों की तरफ केन्द्र और राज्यों की सरकारों का ध्यान आकर्षित करने के लिए काली पट्टी बांध कर कार्य किया। साथ ही देश के सभी जिला मुख्यालयों पर केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्री को जिला कलेक्टर के माध्यम से ज्ञापन प्रेषित किया।
अरिस्दा ने हाल में दो बार आन्दोलन किये जिसमें सीकर टाइम्स की दमदार कवरेज को सबने सराहा, सीकर टाइम्स डोक्टरों और सरकार के बीच बड़े आन्दोलन में सबसे पहले खबरें जुटा कर लाता था, आन्दोलन के अध्यक्ष और उपाध्यक्ष का भी सीकर टाइम्स ने एक्सक्लूसिव इंटरव्यू लिया था जो आप youtube पर देख सकते हैं|

अरिसदा के प्रदेशाध्यक्ष और फेडरेषन के राष्ट्रीय संघठन महामंत्री डॉ अजय चैधरी ने बताया कि प्रदेश भर के सभी 33 जिलो के सेवारत चिकित्सकों ने आज काली पट्टी बांध कर विरोध प्रदर्शन करते हुए आज कार्य किया। राज्य के सभी 33 जिला मुख्यालयों पर आज जिला कलेक्टर के माध्यम से केंद्रीय चिकित्सा मंत्री को ये ज्ञापन प्रेषित कर दिए गए हैं।

अरिसदा के प्रांतीय उपाध्यक्ष डॉ लक्ष्मण सिंह ओला ने बताया कि अखिल भारतीय स्तर पर सेवारत चिक्तिसको की 3 प्रमुख माँगे है

  1. देश के सभी सरकारी मेडिकल कॉलेज में सेवारत चिकित्सको के लिए स्नातकोत्तर पाठ्यक्रमों में 50 प्रतिषत आरक्षण मिले ताकि ग्रामीण क्षेत्रों में चिकित्सा प्रबंधन को सुदृढ़ किया जा सके।
  2. देश के सभी राज्यों के सेवारत चिकित्सको को केन्द्र के समान वेतनमान/पे पेरिटी (एक समान कार्य एक समान वेतन) मिलना चाहिए।
  3. देश की चिकित्सा व्यवस्था को तहस नहस करने वाला तुगलकी कानून प्रस्तावित एनएमसी बिल का विरोध।


डॉ ओला ने बताया कि इस आंदोलन को चरणबद्ध तरीके से आगे बढ़ाया जाएगा। इसकी प्रथम कड़ी में आज काली पट्टी बांध कर विरोध प्रदर्शन और ज्ञापन प्रेषित करना है।

‎डॉ अजय चौधरी ने बताया अगली कड़ी में 19 मार्च को दिल्ली में रैली निकाली जाएगी। शेष कार्यक्रमों की घोषणा समय समय पर फेडरेशन के पदाधिकारियों द्वारा उचित समय पर की जाएगी।











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