आखिर 14 अप्रैल के आसपास ऐसा क्या हुआ कि सोशल मीडिया पर अचानक कामरेड नाम से चल रहे पेज पर पोस्ट नहीं हो रही और नया पेज बनाकर उसके द्वारा कांग्रेस पर हमला किया जा रहा है

सबूत 1: कामरेड पेमाराम नाम का पेज 14 अप्रैल से सूना पड़ा है : ये देखिये लिंक 

सबूत 2: अमराराम समर्थक नामक पेज 14 अप्रैल से सूना पड़ा है : ये देखिये लिंक 

सबूत 3: CPIM धोध के नाम से चलता हुआ पेज 14 अप्रैल से सूना पड़ा है : ये देखिये लिंक 

अब जानिये बड़ी जानकारी 

ऊपर वाले पेज के अलावा भी बहुत पेज हैं जो लोकल कार्यकर्ता के नाम से हैं जिनको हम यहाँ नहीं दे रहे और सभी एक ही साथ सोशल मीडिया पर सूने हो गए हैं मगर साथ ही एक नया पेज ठीक इसी दिन बनता है जिसका नाम है "कांग्रेस छोड़ो कामरेड बनो" ये एक संयोग भी हो सकता है मगर इतने सारे पेज एक साथ बंद हो जाते हैं ये बहुत बड़ा संयोग है | 

असली खुलासा : 13अप्रैल (ठीक एक दिन पहले) पेज बना कांग्रेस छोड़ो, कामरेड बनो (देखो लिंक)

पहली पोस्ट डाली असीफा और निकाला अलग कैंडल मार्च 

माकपा ने असीफा ने न्याय के लिए कैंडल मार्च निकाला और दूसरी तरफ कामरेड भी सड़कों पर उतरे मगर आलम ये रहा कि सीकर के कांग्रेस कैंडल मार्च को देश में सबसे ज्यादा सोशल मीडिया पर शेयर किया गया (जम्मू के कैंडल मार्च से भी ज्यादा ) देखिये लिंक 

दूसरी ओर माकपा समर्थक कैंडल मार्च को सोशल मीडिया पर ज्यादा जगह नहीं मिल पायी या यूँ कहें कि बिलकुल ही नहीं मिली (माकपा के मुखपत्रों पर जाकर सर्च करें)

क्या कहती है कांग्रेस आईटी सेल 

जब हमने इस बारे में कांग्रेस आईटी सेल के गोविन्द पटेल से बात की तो उन्होंने बताया कि इस पेज के बारे में उन्होंने अपने वरिष्ठ नेताओं से बात की है और इसपर उचित कार्यवाही की जायेगी, उन्होंने बताया कि कोई भी राजनैतिक पार्टी अपनी उपलब्धिया बताने के लिए सोशल मीडिया का इस्तेमाल कर सकती है मगर इस प्रकार का पेज बनाना पिटी हुई मानसिकता के अलावा सोशल मीडिया के स्थापित कानूनों का भी सरासर उल्लंघन है | इसकी शिकायत वो फेसबुक से करने जा रहे हैं और इस पेज को बंद करवाकर ही दम लेंगे | हमने उनसे कई सवाल पूछे जो उन्होंने टाल दिए और कहा कि माहौल में पेचीदगी आ गई है और इन सवालों के जवाब आपको वरिष्ठ ही देंगे, मगर सबूतों को वो टाल नहीं पाए 
हमने जो सवाल किये 
1. क्या मुख्यमंत्री के साथ अमराराम के मिलने के बाद ही ये स्तिथि आई है ?
2. क्या अमराराम के लच्छमनगढ़ से चुनाव लड़ने की स्तिथि में न आ जाएँ इसलिए ऐसा हो रहा है ?
3. क्या कांग्रेस भी इसी प्रकार का कामरेड विरोधी पेज बनाएगी या क़ानूनी कार्यवाही करेगी 
4. पिछले किसान आन्दोलन में कांग्रेस के नेता और भीड़ नज़र आ रही थी मगर कल की सभा में कांग्रेस नदारद थी और भीड़ भी घटकर दस प्रतिशत रह गई थी, ऐसा क्यूँ हुआ ?

अब हम ये सवाल जल्द ही किसी वरिष्ठ नेता से पूछेंगे और आपको इनका जवाब लाकर देंगे





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