Sikar,18 July: जिला स्तरीय मीटिंग में जहाँ कांग्रेस में पहले ही बहिष्कार कर रखा था वहाँ भाजपा को जी भरकर मनमानी वह दादागिरी करने की ख़बर है। बात इतनी बढ़ गई की कर्मचारियों ने मिलकर निंदा का ज्ञापन तक देना पड़ा। 
यह बात अलग है कि कर्मचारी जिन कलेक्टर को ज्ञापन दे रहे थे उन्हें कलेक्टर को भी विधायक ने कमज़ोर कलेक्टर कहकर पूरी परिषद के सामने अपमानित किया और कमजोरी का सर्टिफिकेट जैसे दे दिया जबकि कलेक्टर साहब प्रत्येक धार्मिक सामाजिक कार्यक्रम में उपस्थित रहते हैं, जब जब इन्हे न्योता भेजा जाता है। 
बताया जा रहा है कि खर्रा ने अधिकारियों को कमरे से बाहर जाने तक का कह दिया जबकि यह उनके अधिकार क्षेत्र से बाहर की बात है। उनकी बातों को आगे बढ़ाते भाजपा के अन्य सदस्य ने ये कहा कि अगर ये बाहर गए तो हमारे समर्थक इनके साथ मारपीट कर देंगे। अधिकारियों को इस प्रकार परिषद में सामान्य मीटिंग के दौरान अभद्रता का सामना करना पड़े यह विपक्ष की गैरमौजूदगी का साइड इफेक्ट है। 
बता दें कि कांग्रेस ने आज मीटिंग का बहिष्कार इसलिए कर दिया था क्योंकि वे सचिन पायलट की धोद में मीटिंग थी और इसी दिन कांग्रेस के अनुसार जान बूझकर जिला प्रमुख ने मीटिंग रखी जिससे एक तरफ़ा फ़ैसले लिए जा सके और जैसा खबरों से प्रतीत होता है, दादागिरी और शालीन कर्मचारियों को डराया धमकाया जा सके। कई गुना ज्यादा पढे लिखे, एग्जाम पास करके बने बाबू, कर्मचारी, अफसर हमेशा जनप्रतिनिधियों की हमेशा डॉंट सुनते हैं मगर इस बार बात इतनी बढ़ गई कि ज्ञापनबाजी शुरू हो गई। 







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