श्री क्षत्रिय युवा वाहिनी की स्थापना के कर्म में घोड़ीवारा बालाजी धाम में क्षत्रिय मंथन शिविर का आयोजन किया गया । मंथन शिविर में सम्पूर्ण प्रदेश से लोग जुटे । वाहिनी के संस्थापक उम्मेद सिंह करीरी ने बताया कि 36 कौम के पीड़ित शोषित वर्ग की सेवा करने वाला ही सच्चा क्षत्रिय है , इतिहास गवाह है भगवान श्री राम ने रावण से हुए धर्म युद्ब मे सभी वर्गों को साथ लेकर लड़ाई लड़ी और सम्पूर्ण विश्व के समक्ष एक अनुकरणीय उदाहरण प्रस्तुत किया । वर्तमान युग मे राणा प्रताप ने समाज के दलित वर्ग को साथ लेकर बाहरी आक्रांता अकबर को नाको चने चबवा दिए । वर्तमान दौर में क्षत्रियों को दलित शोषण वर्ग का दुश्मन बनाकर पेश किया जा रहा है । श्री क्षत्रिय युवा वाहिनी समाज के समस्त वर्गों के शोषित पीड़ित लोगों के लिए न्याय की स्थापना का कार्य करेगी । वाहिनी के सह संस्थापक श्री मनोहर सिंह घोड़ीवारा ने वाहिनी के उद्देश्यों को सभा के समक्ष रखा व बताया कि समाज को संघटित कर बेरोजगार युवाओं के लिए रोजगार पूरक व्यवस्थाओं का निर्माण करेंगे व समाज के राजनैतिक व्यवस्थार्थ नवयुवाओं के लिए प्रदेश भर में कार्यशालाओं का आयोजन करेंगे ।
वाहिनी की स्थापना व प्रदेश स्तरीय पदाधिकारियों का मनोनयन किया जाएगा । सभा मे जौहर स्मृति संस्थान चित्तौड़गढ़ के अध्यक्ष स्व. श्री राजऋषि उम्मेद सिंह जी धोली को दो मिनट का मौन रख कर श्रद्धांजलि अर्पित की गई । सभा मे प्रदेश स्तर से सैकड़ो कार्यकर्ता उपस्थित रगे । कार्यक्रम का मंच संचालन कवि राज कुमार सिंह राज द्वारा किया गया ।





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