दिल्ली : आये दिन हर मीडिया हाउस पर बिक जाने के आरोप लगते हैं जिनमे से ज्यदातरः झूठे होते हैं और ऐसे आरोपों से पत्रकारों में काफी रोष रहता है मगर इसका इलाज क्या है उसको उदहारण देकर दिखाया  सीकर टाइम्स ने

कांग्रेस ने खरीद लिया बनाम भाजपा ने खरीद लिया 

पिछले कुछ समय से मीडिया पर आरोप ज्यादा लग रहे हैं कि इसने खरीद लिया उसने खरीद लिया क्यूंकि अब सोशल मीडिया के पास ताकत आ गयी है और कोई भी किसीपर भी आरोप लगा  देता है जैसे ही कोई खबर उसको अपने नेता या पार्टी की कोई ऐसी बात उजागर करने वाली दिखती है जिससे वो इत्तेफाक नहीं रखता

दिन में आठ पोस्ट डालो तो चार बार भाजपा और चार बार कांग्रेस के खरीदने का आरोप 

मीडिया को बैलेंस करके चलना पड़ता है, अगर एक खबर ऐसी सामने आ रही हो जिससे एक पक्ष का बेहतर चेहरा दीखता है तो दूसरे पक्ष की भी कोई खबर ढूंढ कर लानी पड़ती है जहाँ दूसरे पक्ष का भी कोई सकारात्मक पहलु सामने आये इसी के चलते दिन में आठ पोस्टों में चार पर भाजपा के खरीदने और चार पर कांग्रेस के खरीदने का आरोप लगता है

राजस्थान में तीसरा मोर्चा भी कुछ महीने पहले हुआ करता था 

तीसरा मोर्चा हनुमान बेनीवाल और घनश्याम तिवारी ने मिलकर बनाया था जिनमें उन्हें कांग्रेस और भाजपा से नाखुश जनता ने शुऊआत में सराहा और मीडिया ने भी उसकी खबरें प्रकाशित की जिससे छोटी पार्टियों की भी भी आवाज़ दब न जाए मगर जैसे ही हनुमान बेनीवाल ने भाजपा से गठबंधन कर लिया वैसे ही तीसरे मोर्चे का अंत हो गया और बेनीवाल को मीडिया अटेंशन भाजपा के खाते में से ही कुछ प्रतिशत रह गया | वैसे भी बेनीवाल के पास सोशल मीडिया की टीम तो है जिसमें मोदी की टीम के कुछ पूर्व आईटी कार्यकर्ता आकर जुड़  गए थे इसके अलावा जमीन पर कुछ ख़ास नहीं था, यहाँ तक बेनीवाल के गृह जिले नागौर की विधान सभा सीट में भी केवल 5372 वोट ही मिले थे और कैंडिडेट शमशेर खान भी बुरी तरह हारने के बाद कांग्रेस में शामिल हो गया था

क्यों करना पड़ा पोल 

सीकर टाइम्स के सोशल मीडिया पर RLP कार्यकर्ताओं  ने भयंकर हमला कर दिया था और सीकर टाइम्स के वरिष्ठ संपादक डॉ यशवंत को जान से मारने की धमकी,गाली गलोच, परिवार के और महिलाओं के ऊपर अभद्र पोस्ट कर दिया था जो शुरू में समझ नहीं आ रहा था मगर डॉ यशवंत ने खुलासा किया कि उनपर हुआ एक हमले में राजनैतिक पार्टी को धन मुहैया करवाने वालों का हाथ था और केस की तारिख नज़दीक आते ही फोन पर भी केस वापस लेने की धमकियाँ आ रही थीं, गौर से देखने पर पता लगा कि गाली गलोच करने वाले 95 प्रतिशत केवल हनुमान बेनीवाल के समर्थक और जाट प्रोफाइल वाले ही निकले , हाल ही में पार्टी प्रवक्ता ने पोस्ट डालकर इसकी पुष्टि भी कर दी कि पार्टी पत्रकार के खिलाफ जमकर टिप्पणियां कर रही है और ये अब कोई रहस्य नहीं रहा कि पूरी पार्टी मिलकर एक निष्पक्ष पत्रकार को दबाने में लग गई थी | हालाँकि इस प्रकार का ट्रेंड और उसके कारण का सामने आ जाना ही काफी था मगर फिर भी सीकर की जनता की जवाबदेही के लिए पोल करवाया जिसमें पता चल गया कि सीकर टाइम्स की विश्वसनीयता देश में किसी भी चैनल के मुकाबले ज्यादा है

क्या रहा रिजल्ट 

टोटल 8600 वोट पड़े जिसमें से  सीकर टाइम्स को भाजपा की तरफदारी करने वाले आरोप लगाने वाले 50.3% थे और सीकर टाइम्स पर कांग्रेस की तरफदारी करने का आरोप लगाने वाले वोटों का प्रतिशत 49.7 रहा जो आश्चर्यजनक रहा | पोल को नेगेटिव ऑब्जेक्टिव के साथ इसलिए करवाया गया था जिससे नेगेटिव कमेंट करने वालों का पार्टिसिपेशन ज्यादा हो

क्या कहते हैं पत्रकार

पोल का स्क्रीनशॉट और लिंक देश भर में पांच हज़ार से ज्यादा पत्रकारों तक पहुँचाया गया जिसमें वामपंथी विचारधारा वाले पत्रकार भी शामिल थे और सभी ने सीकर टाइम्स को आज के समय की जरुरत और प्रेरणादायक बताया

डॉ. यशवंत को मिल चुका है वरिष्ठ पत्रकार पद्मश्री राम बहादुर राय के हाथों सम्मान 

मीडिया के सबसे बड़े गुट जिसमें हर विचारधारा के पत्रकार शामिल हैं और जिसे भड़ास 4 मीडिया के नाम से जाना जाता है,उन्होंने डॉ. यशवंत के नाम को सर्वसम्मति से देश के सर्वश्रेष्ठ डिजिटल प्लेटफार्म के जर्नलिज्म के लिए नामांकित किया और पोल के रिजल्ट और जबरदस्त पॉपुलैरिटी के चलते सीकर टाइम्स उनकी अपेक्षाओं पर खरा उतरा




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