जयपुर: मंडावा और खीमसर में उपचुनाव सदन के लिए कोई बड़ी खबर लेकर नहीं आने वाले, कांग्रेस की सरकार है और बसपा के विधायकों के कांग्रेस में शामिल होने के बाद अब अगले चार साल कांग्रेस को कोई दिक्कत नहीं है वहीँ दूसरी तरफ भाजपा भी कोई बड़ी उठापटक करने की स्तिथि में नहीं है ऐसे में राजस्थान की राजनीती को केवल मीडिया ने रंगीन बनाने के लिए गेहलोत और सचिन पायलट का मुद्दा बना अपनी आजीविका चला रहे हैं इसलिए उपचुनाव की दोनों सीटें कोई ख़ास बदलाव नहीं लाने वाली ये केवल एक खानापूर्ति भर है

कांग्रेस को कोई फरक नहीं कोई जीते कोई हारे 

दोनों ही सीटें भाजपा के पास थी इसलिए अगर दोनों सीटें भाजपा दोबारा भी जीत जाती है तो उसके लिए कोई बड़ी उपलब्धि नहीं है वहीँ अगर भाजपा दोनों या एक भी सीट हार जाती है तो भाजपा की स्तिथि कमज़ोर हो जायेगी

मोदी फैक्टर नहीं है इसलिए कांग्रेस को सत्ता का रहेगा फायदा 

लोक सभा में मोदी फैक्टर चला था इसमें कांग्रेस पार्टी वर्कर्स को भी कोई संदेह नहीं और न ही मतदाताओं को है, मगर उपचुनाव में मोदी फैक्टर का कोई लेना देना नहीं है इसलिए लोक सभा में इन दोनों विधान सभा की भाजपा को दिलाई हुई बढ़त कम से कम पच्चीस फ़ीसदी तक से ज्यादा गिरने वाली है जिसका मनोवैज्ञानिक फायदा कांग्रेस ही ले जायेगी इसकी अभी से अटकलें लगने लगी है



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