देसी तकनीक वाले आधुनिक हथियार बनेंगे सर्वश्रेष्ठ

यह बात सचमुच देशवासियों का हौसला बढ़ाने वाली है कि भारत धीरे-धीरे हथियारों का आयात कम करने की दिशा में बढ़ रहा है। किसी देश की सुरक्षा और उसक...

यह बात सचमुच देशवासियों का हौसला बढ़ाने वाली है कि भारत धीरे-धीरे हथियारों का आयात कम करने की दिशा में बढ़ रहा है। किसी देश की सुरक्षा और उसकी कुल प्रगति के लिए आवश्यक होता है कि वह रक्षा क्षेत्र में आत्म-निर्भर हो। चूंकि इस मामले में अपने देश के आगे बढ़ने की बात स्वयं सेनाध्यक्ष जनरल बिपिन रावत ने कही है, इसलिए इस पर सहज ही भरोसा किया जा सकता है। देसी रक्षा उत्पादन में वृद्धि का एक अर्थ यह भी होता है कि अस्त्र प्रणालियों का डिजाइन देश की खास जरूरतों के मुताबिक तैयार किया जाता है। इस संदर्भ में जनरल रावत का यह कथन महत्वपूर्ण है कि हम अगली लड़ाइयों को अपने देश में बने हथियारों के दम पर लड़ने की ओर बढ़ रहे हैं।
आज सेना में ऐसा कर सकने का आत्मविश्वास पैदा हुआ है, तो इसका श्रेय बेशक नरेंद्र मोदी सरकार को दिया जाना चाहिए। उसने सत्ता में आने के बाद देश में ही हथियारों के निर्माण को लेकर कई ठोस कदम उठाए। कई विदेशी कंपनियों से ऐसे करार किए गए कि वो अपने उत्पादों का निर्माण भारत में ही करेंगी। दरअसल, वर्तमान सरकार ने हथियारों को देश में ही विकसित करने के काम को अपनी महत्वाकांक्षी 'मेक इन इंडिया परियोजना से जोड़ा। इन सारे प्रयासों का कुल असर भविष्य में बेहतर ढंग से देखने को मिलेगा। सेनाएं किसी खतरे का मुकाबला करने के लिए तैयार रहें, यह सुनिश्चित करना सरकार की जिम्मेदारी होती है। इसे निभाते हुए मोदी सरकार ने कई फैसले परंपरागत तरीकों से हटकर लिए। मसलन, फ्रांस से राफेल लड़ाकू विमानों की खरीद का फैसला प्रधानमंत्री ने त्वरित रूप से और गैरजरूरी प्रक्रियाओं का बिना ख्याल किए लिया। विपक्ष ने इस पर बेवजह राजनीति करने की कोशिश की है।
जबकि यह ध्यान में रखना चाहिए कि भ्रष्टाचार के आरोपों से ग्रस्त पूर्ववर्ती यूपीए सरकार ने रक्षा खरीदारियों पर लगभग रोक लगा रखी थी। इससे सशस्त्र सेनाओं के पास जरूरी हथियारों और गोला-बारूद की भारी कमी हो गई। मसलन, विशेषज्ञों के मुताबिक चीन और पाकिस्तान की चुनौतियों का प्रभावी मुकाबला करने के लिए भारतीय वायुसेना को 45 स्क्वैड्रन्स की जरूरत है, जबकि फिलहाल उसके पास ऐसे 33 दस्ते ही हैं। इस पृष्ठभूमि में लड़ाकू विमानों की खरीद को अनावश्यक प्रक्रियाओं में उलझाए रखना क्या देश के रक्षा तकाजों से समझौता करना नहीं माना जाएगा? बेशक किसी बड़ी परियोजना में दिक्कतें आती हैं। मगर सेनाध्यक्ष का ताजा बयान बताता है कि रक्षा क्षेत्र में देश को अपने पैरों पर खड़ा करने का सरकार का संकल्प एवं उसकी इच्छाशक्ति के बेहतर परिणाम मिलने लगे हैं।

COMMENTS

नाम

आदर्श,10,आयोजन,58,एजेंसी,9,कर्मचारी,14,कला,5,कानून व्यवस्था,72,कुदरत,4,कृषि,8,ग्राहक,12,चुनाव,3,छात्र-छात्राएं,27,ज्ञापन,3,टेक्नोलॉजी,4,त्यौहार,10,दांतारामगढ़,6,धोध,4,नीम का थाना,2,पर्यटन,2,पोल सर्वे,7,प्रदर्शन,3,प्रेस विज्ञप्ति,19,फतेहपुर,3,मेडिकल,32,राजनीति,152,राष्ट्रीय ख़बर,102,लक्ष्मणगढ़,5,लाल सलाम,12,विकास,20,श्रीमाधोपुर,1,संपादकीय,49,सनसनी,16,सावधान,22,सिलेक्शन,5,सीकर,59,सेहत,9,China,1,Citizen_Reporter,11,International,1,Piyush_Sharma,7,Rajendra_Madhukar,32,Sagar_Choudhary,6,video,27,Vijay_Dhaka,4,
ltr
item
Sikar Times: देसी तकनीक वाले आधुनिक हथियार बनेंगे सर्वश्रेष्ठ
देसी तकनीक वाले आधुनिक हथियार बनेंगे सर्वश्रेष्ठ
https://foreignpolicymag.files.wordpress.com/2015/09/160090247.jpg?w=1637&h=1024&crop=0,0,101,0
Sikar Times
https://www.sikartimes.com/2018/03/blog-post_17.html
https://www.sikartimes.com/
https://www.sikartimes.com/
https://www.sikartimes.com/2018/03/blog-post_17.html
true
8051649413210694455
UTF-8
Loaded All Posts Not found any posts VIEW ALL Readmore Reply Cancel reply Delete By Home PAGES POSTS View All RECOMMENDED FOR YOU LABEL ARCHIVE SEARCH ALL POSTS Not found any post match with your request Back Home Sunday Monday Tuesday Wednesday Thursday Friday Saturday Sun Mon Tue Wed Thu Fri Sat January February March April May June July August September October November December Jan Feb Mar Apr May Jun Jul Aug Sep Oct Nov Dec just now 1 minute ago $$1$$ minutes ago 1 hour ago $$1$$ hours ago Yesterday $$1$$ days ago $$1$$ weeks ago more than 5 weeks ago Followers Follow THIS CONTENT IS PREMIUM Please share to unlock Copy All Code Select All Code All codes were copied to your clipboard Can not copy the codes / texts, please press [CTRL]+[C] (or CMD+C with Mac) to copy