सीकर : जिस प्रकार की परिस्तिथियाँ चल रही है उनको देख कर लगता है की कांग्रेस सिर्फ भाजपा विरोधी मतों के भरोसे ही अपनी जीत निश्चित मान रही है, ऐसा इसलिए लग रहा है क्यूंकि चुनाव बिलकुल सर पर है और सीकर कांग्रेस की कार्यकारिणी तक तीन महीने से घोषित नहीं हो पा रही है |

भाजपा अटलजी के देहांत के बाद एकजुट, अंतर्विरोध शांत 

पूर्व प्रधानमंत्री स्वर्गीय श्री अटल बिहारी वाजपेयी के निधन के बाद भाजपा के जगह जगह अपने सबसे प्रिय नेता की स्मृति में कार्यक्रम हो रहे है जिनमें अपनी भावनाएं प्रकट करते करते कार्यकर्ता जब जब अटलजी के जीवन को याद करते हैं तो उनके विचार बदले बदले प्रतीत होते हैं |  जैसे घर में कोई बड़ा चले जाता है तो सभी रिश्तेदार आपसी द्वेष भूलकर एकजुट शोक में शामिल हो जाते हैं और याद करते हैं कि उनके परिवार के बड़े ने कितने संघर्षों के बाद परिवार को आगे लाने में भूमिका निभाई थी, इसी प्रकार का माहौल भाजपा के सदस्यों में दिखाई दे रहा है

पायलट गहलोत चर्चा ज्यादा है कांग्रेसी कार्यकर्ताओं में 

वहीँ दूसरी ओर कांग्रेस कार्यकर्ताओं के आगे भाजपा से ज्यादा पायलट गहलोत में से किसे अपना मुख्यमंत्री उम्मीदवार समझा जाए इसपर आतंरिक राजनीती गर्म है | युवा वर्ग जहाँ पायलट के करिश्माई व्यक्तित्व का दीवाना है तो पुराने कार्यकर्ता गहलोत के दोबारा मुख्यमंत्री बनने के लिए सपने संजोये हैं, रही सही कसर गहलोत खुद अफवाहों का बाजार गर्म करने वाले बयान दे देते हैं फिर कहते हैं मीडिया गड़बड़ा रही है

तीन महीने चुनावी लिहाज़ से कोई समय होता ही नहीं है 

चुनावी बिसात पर कांग्रेस की जिला कार्यकारिणी नहीं बन पाना अपने आप में कांग्रेसी कल्चर दिखा रही है जो आज के युवा पसंद नहीं करते, कुछ समय पूर्व जिलाध्यक्ष ने कहा था कि लिस्ट तैयार है बस एक दो दिन में ही जारी कर दी जायेगी मगर दो दिन के दो हफ्ते होने वाले हैं| देखिये वो वीडियो जहाँपर जिलाध्यक्ष इस बारे में इतने कॉंफिडेंट होकर बयान दे रहे थे

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